अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा होती रही है. सबसे बड़ा सवाल है कि चार साल बाद कितने अग्निवीरों को सेना में स्थायी सेवा का मौका मिलेगा और बाकी जवानों के लिए रोजगार के क्या विकल्प होंगे. शुरुआत में 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थायी कैडर में शामिल करने का प्रावधान था, लेकिन अब 50 फीसदी रिटेंशन की चर्चाओं ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है. तकनीकी और विशेषज्ञ भूमिकाओं में प्रशिक्षित जवानों की जरूरत को देखते हुए इस बदलाव पर भी चर्चा हो रही है. जानते हैं रिपोर्ट्स में सामने आए दावों और उपलब्ध विकल्पों की पूरी जानकारी.