'AK-47 लेकर RSS के गुंडों पर चला दूं', वायरल वीडियो के बाद चर्चा में सिपाही शेर सिंह, जंतर-मंतर पर बैज उतारकर किया इस्तीफे का दावा
उत्तराखंड के एक सिपाही ने CJP के मंच से अपना पुलिस का बैज उतारकर अभिजीत को सौंप दिया है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसके साथ उसने तरह-तरह के दावे किए हैं.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहने शेर सिंह नाम के एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में खुद को शेर सिंह बताने वाला व्यक्ति मंच से छात्रों के आंदोलन का समर्थन करता दिखाई देता है. इसी दौरान वह अपने कंधे से पुलिस का बैज उतारकर मंच पर मौजूद सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को सौंपता है.
इतना ही नहीं वीडियो में शेर सिंह कहता है कि मेरे उत्तराखंड में फॉर्चून की दुकान में पटवारी के पेपर बीकते हैं. ये हमने देखा हैं, आगे कहा कि, शहीद भगत सिंह ने कहा था कि जिंदगी अपने दम पर जी जाती है, क्रांति विचारों से आती, अपने हक के लिए लड़ना बग़ावत है तो हम बाग़ी है'. सोशल मीडिया पर इसे उत्तराखंड पुलिस के एक कांस्टेबल के इस्तीफे के रूप में पेश किया जा रहा है.
वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि शेर सिंह ने उत्तराखंड पुलिस की नौकरी छोड़कर युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया है. पोस्टों में यह भी कहा गया कि उन्होंने आंदोलन के सफल होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक से लेकर युवाओं के भविष्य तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा.
क्या बोले शेर सिंह?
वायरल वीडियो में शेर सिंह कहते हैं कि यदि अपने अधिकारों के लिए लड़ना बगावत है तो वह खुद को बागी मानते हैं. उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने भगत सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि क्रांति विचारों से आती है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि जब जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, तब वह भ्रष्ट नेताओं की ड्यूटी पर थे आगे कहा कि गोरे अंग्रेज को चले गए अब ये उन्हीं के रूप में काले अंग्रेज है औ जंतर-मंतर को जलियांवाला बाग बनाना चाहते हैं. इतना ही नहीं शेर सिंह ने आगे दावा किया सैकड़ों सिपाही है हमारे समर्थन में और इस्तीफा देने को भी तैयार हैं.
AK-47 वाले बयान पर भी मचा विवाद
वीडियो में शेर सिंह का एक और बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज का वीडियो देखने के बाद उन्हें बेहद गुस्सा आया. इस दौरान उनसे एक निजी चैनल के सवाल पूछा कि लाठीचार्ज का वीडियो देखकर आपको लगा तो उन्होंने बताया कि मन किया की पुलिस की AK-47 उठाऊ और RSS के गुंडों पर उतार दूं ये कहना का उनका वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है.
उत्तराखंड पुलिस की प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?
वीडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड पुलिस हरकत में आ गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति शेर सिंह है, जो उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल रह चुका है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह वर्ष 2025 से निलंबित चल रहा है. बताया जा रहा है कि उसकी पूर्व तैनाती पिथौरागढ़ जिले में थी. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि निलंबन की स्थिति में उसने पुलिस की वर्दी पहनकर सार्वजनिक राजनीतिक या आंदोलन संबंधी कार्यक्रम में हिस्सा कैसे लिया और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा सकती है.
इस्तीफे के दावे की भी हो रही जांच
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि शेर सिंह ने मंच से अपना इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि, अब तक उत्तराखंड पुलिस की ओर से यह पुष्टि नहीं की गई है कि उनका इस्तीफा विधिवत स्वीकार किया गया है या वह सेवा में थे अथवा निलंबित अवस्था में थे. ऐसे में वायरल दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जंतर-मंतर का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. एक पक्ष इसे युवाओं के समर्थन में उठाया गया साहसिक कदम बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष पुलिस की वर्दी पहनकर सार्वजनिक मंच से दिए गए बयानों और विवादित टिप्पणियों पर सवाल उठा रहा है. फिलहाल, पूरे मामले में उत्तराखंड पुलिस की विस्तृत जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है.