यमुना एक्सप्रेसवे की हालत को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रेटर नोएडा में गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के सामने स्थित घरबरा अंडरपास के ऊपर से कंक्रीट गिरने का मामला सामने आया है. कंक्रीट झड़कर गिरने से अंदर लगी सरिया दिखाई देने लगी है. एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहनों के कंपन और लगातार आवाजाही के बीच कंक्रीट गिरने की घटना से हादसे का खतरा बढ़ गया है.

जानकारी के मुताबिक, घरबरा अंडरपास के ऊपर एक्सप्रेसवे के हिस्से से कंक्रीट टूटकर नीचे गिर रही है. घटना के बाद प्रभावित हिस्से की घेराबंदी कर दी गई है. गनीमत रही कि कंक्रीट गिरने के समय नीचे से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

घरबरा अंडरपास के ऊपर से गिरा कंक्रीट

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के घरबरा अंडरपास के ऊपर बने हिस्से से कंक्रीट टूटकर गिरने का मामला सामने आया है. कंक्रीट की परत उखड़ने के बाद अंदर लगी लोहे की सरिया साफ दिखाई देने लगी है. इस घटना ने एक्सप्रेसवे के निर्माण और उसकी देखरेख को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रभावित हिस्से की की गई घेराबंदी 

एक्सप्रेसवे पर दिनभर बड़ी संख्या में गाड़ियां गुजरती हैं. इन वाहनों की लगातार आवाजाही और कंपन के बीच कंक्रीट गिरने से खतरा बढ़ सकता है. अगर इसी दौरान नीचे से कोई वाहन गुजरता, तो उसके ऊपर मलबा गिरने से गंभीर हादसा हो सकता था. फिलहाल, प्रभावित हिस्से की घेराबंदी कर दी गई है, ताकि लोगों को किसी संभावित खतरे से बचाया जा सके.

रोजाना हजारों वाहन करते हैं आवाजाही

यमुना एक्सप्रेसवे नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मथुरा और आगरा से जोड़ने वाला एक अहम रास्ता है. इस रास्ते का इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करने के लिए करते हैं. वहीं, घरबरा अंडरपास के नीचे से भी हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं. ऐसे में ऊपर बने हिस्से से कंक्रीट गिरना सिर्फ एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों ही नहीं, बल्कि अंडरपास का इस्तेमाल करने वाले ड्राइवर के लिए भी चिंता की बात है. इस तरह की घटनाओं में समय रहते जांच और मरम्मत नहीं होने पर बड़ा नुकसान हो सकता है.

14 साल पहले हुआ था एक्सप्रेसवे का निर्माण

यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण करीब 14 साल पहले हुआ था. इसकी देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित सुरक्षा कंपनी के पास है. घटना सामने आने के बाद करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक ने सुरक्षा कंपनी और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की है. उन्होंने अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच कराने और जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है. अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और देखरेख करने वाली कंपनी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं. फिलहाल, इस घटना ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और समय पर रखरखाव की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है.