Exclusive: PM मोदी को गाली देने वाली रुचिका सिंह ने नोएडा सैलून में बदला नाम, आधार भी नहीं दिया; मालिक ने क्या-क्या बताया?
जंतर-मंतर प्रदर्शन में पीएम मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले के बीच रुचिका सिंह से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है. नोएडा के एक सैलून संचालक का दावा है कि उसने वहां अपना नाम ‘मैनसिल’ बताया था.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर चर्चा में आई रुचिका सिंह से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है. नोएडा के सेक्टर 135 में जिस सैलून में वह नेल आर्टिस्ट का काम सीखने जाती थी, वहां के संचालक ने उसके बारे में कई अहम बातें बताई हैं.
सैलून संचालक टीपी त्रिपाठी ने बताया कि रुचिका 25 मई को नेल आर्टिस्ट का काम सीखने के लिए उनके सैलून आई थी. वह रोजाना करीब एक से डेढ़ घंटे प्रशिक्षण लेती थी और 9 जून तक वहां आती रही. इस दौरान कई बार उससे पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड मांगा गया, लेकिन उसने हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर दस्तावेज देने से इनकार कर दिया.
रुचिका ने सैलून के दुकान पर भी किया था फर्जीवाडा
सैलून मालिक के अनुसार, आधार कार्ड उपलब्ध नहीं कराने पर 9 जून को रुचिका को सैलून आने से मना कर दिया गया. जिसके बाद रुचिका सैलून कभी नहीं आई. उन्होंने यह भी दावा किया कि रुचिका ने सैलून में अपना असली नाम नहीं बताया था. उसने अपना मेंशिल जैन बताया था. हालांकि, सैलून में उसका व्यवहार सामान्य था और किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई.
कहां फरार है रुचिका सिंह?
टीपी त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी करना गलत है और इसकी निंदा की जानी चाहिए. गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की जांच पुलिस कर रही है.
बातचीत में सैलून मालिक ने क्या बताया?
जानकारी के अनुसार, जिस सोसाइटी में रुचिका अपनी मां के साथ रहती थी, वहां फिलहाल उसके फ्लैट पर ताला लगा हुआ है. सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद से रुचिका फ्लैट पर वापस नहीं आई है. पुलिस सोसाइटी पहुंचकर पूछताछ भी कर चुकी है और मामले की जांच जारी है.