वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत का मामला अब जांच के कई सवालों के बीच पहुंच गया है. गुरु कृपा कुंज परिसर की चौथी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए दीपक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. पुलिस पहली नजर में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन हत्या समेत दूसरे पहलुओं को भी जांच से बाहर नहीं किया गया है.

मामले में घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है. वहीं, मृतक के परिजनों ने घटना की जानकारी मिलने के तरीके और आश्रम पहुंचने के बाद उन्हें कथित तौर पर स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं. ऐसे में अब जांच का फोकस इस बात पर है कि आखिर दीपक के साथ मौत से पहले क्या हुआ था?

घटना वाले दिन आखिर क्या हुआ?

पुलिस और सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक घटना सुबह करीब 10:30 बजे गुरु कृपा कुंज परिसर में हुई. दीपक चौथी मंजिल से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए. आश्रम से जुड़े लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस को घटना की जानकारी अस्पताल से मिली. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की.

1. चौथी मंजिल से गिरना- पुलिस को क्या मिला?

पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि दीपक चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे. शुरुआती तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या की दिशा में देख रही है, लेकिन अभी इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया. मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं की जांच किए जाने की बात सामने आई है.

2. कमरे से ग्राइंडर और खून के निशान मिलने की बात क्यों महत्वपूर्ण है?

मामले का सबसे गंभीर और असामान्य पहलू मृतक के शरीर पर मिली चोटों से जुड़ा है. पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार उसके कमरे से एक ग्राइंडर मिला, जिस पर खून के निशान होने की बात सामने आई है. मृतक के शरीर पर भी गंभीर चोटें मिली थीं. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये चोटें घटना से पहले कैसे लगीं और उनका चौथी मंजिल से गिरने की घटना से क्या संबंध था. यह अभी जांच का विषय है कि चोटें स्वयं पहुंचाई गईं या किसी अन्य परिस्थिति में लगीं. इसलिए इस आधार पर हत्या या आत्महत्या में से किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

3. CCTV फुटेज में क्या दिखा?

जांच में CCTV फुटेज भी अहम कड़ी बनकर सामने आया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने परिसर के CCTV का DVR अपने कब्जे में लिया है. फुटेज में दीपक की घटना से पहले की गतिविधियों को देखा जा रहा है. रिपोर्टों में बताया गया है कि फुटेज में वह चौथी मंजिल की छत की ओर जाते और कुछ समय वहां रहने के बाद नीचे गिरते दिखाई देते हैं. अब जांच अधिकारियों के लिए अहम सवाल यह है कि CCTV में दिखाई देने वाली गतिविधियों से पहले और बाद में परिसर में कौन-कौन मौजूद था और घटनास्थल तक किसकी पहुंच थी.

4. पुलिस अभी किन सवालों के जवाब तलाश रही है?

  • जांच के दौरान पुलिस मुख्य रूप से इन पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है-
  • दीपक चौथी मंजिल तक अकेले कैसे पहुंचे?
  • गिरने से पहले उनके साथ कोई और व्यक्ति था या नहीं?
  • कमरे में मिला ग्राइंडर किस परिस्थिति में इस्तेमाल हुआ?
  • शरीर पर मिली चोटें कब और कैसे लगीं?
  • CCTV फुटेज में पूरी घटना का क्रम क्या है?
  • मृतक के मोबाइल और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड में क्या जानकारी मिलती है?
  • पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष क्या कहते हैं?
  • क्या किसी व्यक्ति की भूमिका इस घटना में सामने आती है?
  • पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को इस मामले में आरोपी घोषित नहीं किया है.

5. परिजनों को घटना की जानकारी कैसे मिली?

मृतक के जीजा सोनू पटेल के अनुसार परिवार को फोन के जरिए जानकारी दी गई कि दीपक गिर गए हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. इसके बाद परिवार के लोग रात करीब 3 बजे वृंदावन पहुंचे. परिजनों का कहना है कि वे सबसे पहले आश्रम पहुंचे और दीपक के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की. उनके मुताबिक उन्हें बाहर बैठने के लिए कहा गया और सुबह मिलने की बात कही गई. सोनू पटेल के अनुसार परिवार सुबह तक वहां मौजूद रहा, लेकिन उन्हें घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी. इसके बाद वे करीब 9 बजे वहां से निकल गए. ये परिजनों के आरोप/बयान हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच से होनी बाकी है.

6. परिवार का कहना है-दीपक से मिलना आसान नहीं था

मृतक के जीजा ने बताया कि दीपक लंबे समय से आश्रम से जुड़े थे और परिवार के लोग उनसे मिलने के लिए वृंदावन आते थे. परिजनों के मुताबिक, दीक्षा लेने के बाद उनसे आसानी से मुलाकात नहीं हो पाती थी. परिवार को कथित तौर पर इंतजार करना पड़ता था और कई बार एक-दो घंटे बाद मिलने की अनुमति मिलती थी. उन्होंने यह भी बताया कि दीपक के पास फोन नहीं था, इसलिए परिवार के लोगों से उनकी नियमित फोन पर बातचीत नहीं हो पाती थी.

7. परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है?

फिलहाल परिजनों ने किसी व्यक्ति पर सीधे हत्या का आरोप नहीं लगाया है. जब सोनू पटेल से पूछा गया कि क्या उन्हें शक है कि किसी ने दीपक को ऊपर से धक्का दिया, तो उन्होंने इस पर कोई निश्चित दावा नहीं किया. उन्होंने कहा कि वह अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते. यानी परिवार की ओर से सवाल जरूर उठाए गए हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि परिवार ने किसी खास व्यक्ति को हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

8. 'परिवार यहां है, आश्रम से कोई नहीं आया'-जीजा का दावा

सोनू पटेल ने कहा कि परिवार के सदस्य इस समय मौजूद हैं, लेकिन उनकी जानकारी के मुताबिक आश्रम की ओर से कोई व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में परिवार के पास आश्रम की ओर से किसी व्यक्ति को आकर बात करनी चाहिए थी. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी अभी नहीं है. यह बयान भी परिवार के पक्ष से सामने आया है, इसलिए इसे जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता.

9. पोस्टमार्टम में क्या पता चलेगा?

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ कराया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था और शरीर पर मिली चोटों की प्रकृति क्या थी. इसके साथ फोरेंसिक रिपोर्ट और CCTV जांच भी महत्वपूर्ण होगी.

10. मोबाइल और दूसरे डिजिटल सबूत भी जांच का हिस्सा

पुलिस मृतक के मोबाइल और अन्य उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है. इनसे घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में था और उसकी आखिरी गतिविधियां क्या थीं, इसका पता लगाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इन जांचों से क्या सामने आया है, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है.

11. क्या यह आत्महत्या थी या हत्या? अभी तस्वीर साफ नहीं

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है. पुलिस की शुरुआती धारणा आत्महत्या की ओर इशारा करती है, लेकिन हत्या की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है. घटनास्थल से मिले साक्ष्य, CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल डेटा को मिलाकर ही जांच आगे बढ़ेगी. इसलिए अभी किसी एक संभावना को अंतिम सच बताना उचित नहीं होगा.