जातिसूचक गालियां, झगड़ा और फिर प्लान्ड अटैक! तरुण मर्डर केस में 550 पेज की पुलिस चार्जशीट ने खोली पूरी परत; जानें क्या आया सामने
दिल्ली के उत्तम नगर में 26 वर्षीय तरुण बुटोलिया की हत्या के मामले में Delhi Police की चार्जशीट में बड़े खुलासे हुए हैं. होली के दिन शुरू हुए विवाद में कई बातें सामने निकल कर आई हैं.
Delhi Uttam Nagar Murder: दिल्ली में 26 साल के तरुण बुटोलिया की हत्या के मामले में एक अहम मोड़ सामने आया है. Delhi Police ने इस हफ्ते अदालत में दाखिल चार्जशीट में कहा है कि होली के दिन शुरू हुआ एक मामूली विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और आखिरकार हत्या जैसी गंभीर घटना में बदल गया. पुलिस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में जातिगत टिप्पणी और उससे उपजा तनाव था.
पुलिस ने इस मामले में 18 लोगों को आरोपी बनाया है. इनके खिलाफ गैरकानूनी तरीके से भीड़ बनाकर हमला करने का भी आरोप लगाया गया है. साथ ही दो नाबालिगों को भी इस घटना में “सहयोगी” के तौर पर शामिल किया गया है और उनके खिलाफ अलग से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दर्ज की गई है.
पुलिस की चार्जशीट में क्या है?
- एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में हत्या, मॉब लिंचिंग, जानबूझकर चोट पहुंचाना, हत्या का प्रयास, गैरकानूनी जमावड़ा और घर में घुसकर हमला करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं.
- इसके अलावा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराएं भी शामिल की गई हैं.
- पुलिस के मुताबिक, घटना 4 मार्च की है. उस दिन तरुण के परिवार का एक नाबालिग सदस्य होली खेल रहा था, तभी रंग भरा पानी का गुब्बारा पड़ोस की एक महिला पर गिर गया, जो दूसरे समुदाय से थी.
- इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ. शुरुआती सूचना पुलिस को पड़ोसियों के बीच झगड़े की मिली थी, लेकिन मामला तेजी से बढ़ता गया.
- चार्जशीट में दर्ज बयानों के अनुसार, विवाद उस समय और बढ़ गया जब आरोपियों की ओर से कथित तौर पर जातिसूचक गालियां दी गईं.
- रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपियों ने यह जानते हुए कि शिकायतकर्ता पक्ष अनुसूचित जाति से है, उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और धमकी भी दी.
- 500 पन्नों से ज्यादा की चार्जशीट में 18 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें तीन महिलाएं भी हैं. दो नाबालिगों के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया गया है और वे फिलहाल किशोर सुधार गृह में हैं.
- पुलिस का कहना है कि इस केस में सबसे अहम सबूत तरुण के परिवार- माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन और अन्य रिश्तेदारों के बयान हैं, साथ ही स्थानीय लोगों के बयान भी शामिल किए गए हैं. चार्जशीट में 20 से ज्यादा गवाहों का जिक्र किया गया है.
क्या आया जांच में सामने?
- जांच में सामने आया कि कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी के बाद महिला के परिवार के लोग भी जुट गए और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई. उसी रात जब तरुण घर लौटा, तो उस पर हमला किया गया.
- पुलिस के अनुसार, तरुण होली पार्टी में गया था और घर में विवाद की जानकारी मिलने पर वापस आया था. जैसे ही वह घर पहुंचा, आरोपियों ने उस पर डंडों, बैट और लोहे की रॉड से हमला कर दिया.
- चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि तरुण के परिवार के लोगों ने खुद को घर के अंदर बंद करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी घर में घुस आए और उन पर हमला किया.
- गंभीर रूप से घायल तरुण को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
- इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. स्थानीय लोगों और कुछ दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के परिवार की गाड़ियों में आग लगा दी, उनके घर में तोड़फोड़ की और खिड़कियां तोड़ दीं.
- पुलिस के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.