CJP Protest: हत्या से लेकर रेप और डकैती तक, दिल्ली पुलिस ने निकाली 2,873 की क्राइम कुंडली; 6 Point में समझें

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद 2,873 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. पुलिस का कहना है कि इनकी पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS), CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों से की गई है.

( Image Source:  ANI )
By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 27 July 2026 9:00 PM IST

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की जांच में नया दावा सामने आया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद 2,873 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. पुलिस का कहना है कि इनकी पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS), CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों से की गई है.

पुलिस ने यह नहीं कहा है कि ये सभी लोग हिंसा में शामिल थे. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनमें से किन लोगों की प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में वास्तविक भूमिका रही. यह पूरी जानकारी दिल्ली पुलिस के सूत्रों के दावों पर आधारित है और जांच अभी जारी है.

1. दिल्ली पुलिस का दावा क्या है?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान और उसके आसपास मौजूद 2,873 लोगों की पहचान तकनीकी विश्लेषण के जरिए की गई. जांच में सामने आया कि इन लोगों का पहले से विभिन्न आपराधिक मामलों में रिकॉर्ड रहा है. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इनमें से कुछ लोग 20 जुलाई को हुई हिंसा में शामिल थे.

2. किन तकनीकों से हुई पहचान?

दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए CCTV कैमरों, Facial Recognition System (FRS) और अन्य डिजिटल तकनीकों की मदद से लोगों की पहचान की गई. इन तकनीकी साक्ष्यों का मिलान पुलिस के अपराध रिकॉर्ड से किया गया, जिसके बाद कई ऐसे लोगों का डेटा सामने आया जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं.

3. किन इलाकों से जुड़े लोगों की पहचान हुई?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहचाने गए लोगों में बड़ी संख्या दिल्ली के विभिन्न संवेदनशील इलाकों से संबंधित बताई गई है. इनमें प्रमुख रूप से-

  • जाफराबाद
  • चांद बाग
  • सीलमपुर
  • जामिया नगर
  • शाहीन बाग
  • ओखला
  • मध्य दिल्ली के कुछ इलाके शामिल बताए गए हैं.

4. CCTV फुटेज में क्या दिखने का दावा?

दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान कुछ CCTV फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया है कि इनमें प्रदर्शन के दौरान कई घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं. पुलिस के मुताबिक फुटेज में कथित तौर पर-

  • बैरिकेड तोड़ने की कोशिश
  • सुरक्षाबलों पर पथराव
  • पेपर स्प्रे का इस्तेमाल
  • पुलिस वाहनों में तोड़फोड़
  • सरकारी संपत्ति को नुकसान
  • पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट
  • सुरक्षाकर्मियों के जूते-चप्पल छीनने की घटनाएं
  • निषेधाज्ञा के उल्लंघन के दृश्य दिखाई देते हैं. इन दावों की जांच अभी जारी है.

5. कितने लोगों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पहचाने गए 2,873 लोगों में से 989 व्यक्तियों का संबंध गंभीर आपराधिक मामलों से रहा है. इन मामलों में शामिल हैं-

  • हत्या (Murder): 101
  • हत्या का प्रयास (Attempt to Murder): 62
  • डकैती और लूट: 284
  • बलात्कार (Rape): 61
  • POCSO एक्ट: 6
  • महिलाओं से छेड़छाड़: 25
  • आर्म्स एक्ट: 229
  • स्नैचिंग: 135
  • अपहरण: 19
  • NDPS/नारकोटिक्स मामले: 67

6. आगे क्या करेगी दिल्ली पुलिस?

दिल्ली पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पहचाने गए व्यक्तियों में से किन लोगों की हिंसा में सक्रिय भूमिका थी और किसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. फिलहाल पुलिस ने यह दावा नहीं किया है कि 2,873 पहचाने गए सभी लोग हिंसा में शामिल थे. जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा.

Similar News