मकर संक्रांति और एकादशी दोनों ही एक दिन, खिचड़ी खाने और दान को लेकर असमंजस, जानें क्या करें

इस साल मकर संक्रांति और एकादशी एक ही दिन पड़ने से श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान-पुण्य की परंपरा है, वहीं एकादशी का व्रत रखने वाले लोग अनाज का सेवन नहीं करते. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या इस दिन खिचड़ी खाई जा सकती है या नहीं, और दान किस प्रकार करना चाहिए.;

( Image Source:  AI SORA )
By :  State Mirror Astro
Updated On : 13 Jan 2026 5:00 PM IST

इस साल मकर संक्रांति के दिन वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बना है, दरअसल मकर संक्रांति और माघ महीने की षटतिला एकादशी दोनों ही एक साथ 14 जनवरी के दिन पड़ रही है. ऐसे में मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने के संबंध में लोगों के मन संशय की स्थिति बनी हुई है कि आखिर क्या करें. हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष महत्व होता है, इसमें पूरे दिन व्रत रखा जाता है और भगवान सूर्यदेव और विष्णुजी की पूजा करने के विधान होता है.

लेकिन एकादशी के दिन चावल का सेवन करना वर्जित माना जाता है. वहीं मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने के विशेष महत्व होता है. ऐसे में लोगों के मन में असंजस की स्थिति बनी हुई है कि मकर संक्रांति पर चावल और दाल से बनी खिचड़ी का सेवन और दान आदि करना चाहिए या नहीं. आइए ज्योतिष शास्त्र और योग्य पंडित से जानते हैं क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

खिचड़ी का दान करना चाहिए?

हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व होता है. कोई भी पर्व या व्रत बिना दान के अधूरा माना जाता है. इस वर्ष षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति जो दोनों ही महत्वपूर्ण पर्व एक ही दिन पड़ रहा है. ऐसे में किन नियमों का दान करना चाहिए. हिंदू धर्म शास्त्रों में निमित्त दान करने का महत्व होता है. ऐसे में मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी के लिए चावल और दाल का दान करना शुभ और पुण्य लाभ माना जाता है. इस बार मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी का संयोग बना हुआ है. एकादशी पर चावल और इससे बनी खिचड़ी का सेवन करना वर्जित है लेकिन दान करने में कोई भी बाधा नहीं होती है. ऐसे में मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी समेत अन्य दूसरी चीजों का दान करना शुभ रहेगा. इससे पुण्य की प्राप्ति होगी.

मकर संक्रांति पर खिचड़ी का सेवन करें या नहीं ?

हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष महत्व होता है. हर एक पक्ष में एकादशी का व्रत रखा जाता है जिसमें चावल खाना वर्जित होता है. ऐसे में मकर संक्रांति के दिन एकादशी का व्रत रखते हुए खिचड़ी का सेवन भूलकर भी न करें. लेकिन आप खिचड़ी का दान कर करें और एकादशी के नियमों का पालन करते हुए मकर संक्रांति का त्योहार मनाएं. लेकिन इस दान दान करने की कोई भी मनाही नहीं है. ऐसे में खिचड़ी, कच्चा चावल, दाल, नमक, घी और रूपए का दान करें.

खिचड़ी कब खाएं ?

मकर संक्रांति और एकादशी दोनों ही एक दिन पड़ने के कारण मकर संक्रांति के अगले दिन यानी 15 जनवरी को खिचड़ी का दान करते हुए इसका सेवन भी कर सकते हैं. इसे शुभ फलों की प्राप्ति होगी.

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