बंगाल चुनाव से पहले 'दीदी के 10 वादे', महिलाओं- युवाओं और किसानों के लिए TMC के घोषणा पत्र में क्या-क्या?
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले TMC ने ‘दीदी के 10 वादे’ जारी कर जनता को साधने की कोशिश की है. घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं, किसानों और स्वास्थ्य-शिक्षा पर बड़ा फोकस रखा गया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपना बहुप्रतीक्षित घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसमें 'दीदी का 10 वादा' सबसे बड़ा फोकस बनकर उभरा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे जनता केंद्रित रोडमैप बताते हुए दावा किया कि यह घोषणापत्र बंगाल की पहचान को बचाने और केंद्र के बढ़ते हस्तक्षेप का जवाब देने के लिए तैयार किया गया है.
23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने वाले चुनाव और 4 मई को आने वाले नतीजों से पहले TMC ने इस घोषणापत्र के जरिए सीधा जनता से कनेक्ट बनाने की कोशिश की है. ममता बनर्जी ने साफ किया कि उनका फोकस विकास, कल्याण और राज्य की स्वायत्तता को मजबूत करना है. आइए जानते हैं दीदी के 10 चुनावी वादों के बारे में..
'दीदी के 10 वादे' क्या हैं और इसमें क्या खास है?
TMC का दावा है कि ये 10 वादे अगले पांच साल की सरकार की दिशा तय करेंगे और सीधे लोगों के जीवन पर असर डालेंगे.
ममता दीदी के 10 बड़े वादे
- लक्ष्मी भंडार में बढ़ोतरी- महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए योजना में ₹500 की बढ़ोतरी की गई है. अब सामान्य वर्ग को ₹1500 और SC/ST महिलाओं को ₹1700 हर महीने मिलेंगे.
- युवाओं के लिए मासिक भत्ता- बेरोजगार युवाओं को ‘बांग्लार युवा साथी’ के तहत ₹1500 हर महीने मिलते रहेंगे. इससे युवाओं को आर्थिक सहारा देने की कोशिश है.
- किसानों के लिए बड़ा बजट- ₹30,000 करोड़ का कृषि बजट घोषित किया गया है. इसमें भूमिहीन किसानों को भी शामिल कर व्यापक लाभ देने की योजना है.
- हर परिवार को पक्का घर- घोषणा पत्र में हर परिवार को पक्का मकान देने का वादा किया गया है. इसका उद्देश्य गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है.
- हर घर तक पानी- राज्य के सभी घरों तक पाइपलाइन से पीने का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को फायदा होगा.
- घर-घर इलाज की सुविधा- ‘दुआरे चिकित्सा’ कैंप के जरिए लोगों के दरवाजे तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की योजना है. हर साल इन कैंपों का आयोजन किया जाएगा.
- स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड- सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. इससे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य है.
- बंगाल को ट्रेड हब बनाना- राज्य को पूर्वी भारत का बड़ा व्यापारिक केंद्र बनाने की योजना है. इसके लिए मॉडर्न लॉजिस्टिक्स और ग्लोबल ट्रेड सेंटर विकसित किए जाएंगे.
- बुजुर्गों को राहत- पुरानी पेंशन योजनाओं को जारी रखते हुए अधिक लोगों को इसका लाभ देने का वादा किया गया है. इससे सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी.
- नए जिले और शहरी विस्तार- 7 नए जिले बनाने और शहरी निकायों का विस्तार करने का प्रस्ताव है. इससे प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर किया जाएगा.