Ashok Kharat को क्यों कहा जाता था 'कैप्टन बाबा'? एबॉर्शन, इमली के बीज, नकली सांप समेत ढोंगी बाबा को लेकर नए खुलासे
नासिक में एक स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात पर महिलाओं के यौन शोषण और ठगी के गंभीर आरोप लगे हैं. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वह प्लास्टिक सांप और फर्जी अनुष्ठानों से लोगों को डराकर लाखों रुपये ऐंठता था.
Ashok Kharat Case: नासिक शहर में एक चर्चित ज्योतिषी और स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात के यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी के मामले में अब नया खुलासा हुआ है. इस मामले ने लोगों को काफी चौंका दिया है. पुलिस जांच के दौरान पता चला कि अशोक खरात अपने ग्राहकों को डराने और उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए कई चालाक तरीके इस्तेमाल करते थे. उन्होंने बाजार से साधारण प्लास्टिक के सांप खरीदे, बाघ की खाल जैसे पैटर्न वाले कपड़े लाए और कुछ छिपे हुए सामान भी इस्तेमाल किए.
इन सबको उन्होंने मंदिर के अंदर पहले से ही सजा रखा होता था. जब कोई ग्राहक आता, तो वे अचानक इन चीजों को दिखाकर डरावना माहौल बना देते थे. ग्राहक बुरी तरह डर जाते थे. फिर अशोक खरात खुद को एक शक्तिशाली और दिव्य व्यक्ति बताते हुए आगे आते और कहते कि वे इन बुरी शक्तियों को भगा सकते हैं. इस डर और राहत के खेल से वे लोगों का विश्वास जीत लेते थे.
प्लास्टिक का सांप डर का हत्यार
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'अशोक खरात कथित तौर पर ग्राहकों को डराने के लिए प्लास्टिक के सांप, बाघ की खाल वाले कपड़े और अन्य छिपी हुई चीजों का इस्तेमाल करके फर्जी और नाटकीय दृश्य तैयार करते थे.' इसके अलावा, खरात पर धोखाधड़ी का भी आरोप है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे 'ऊर्जावान पत्थर' और 'पवित्र वस्तुएं' बेचकर लोगों से लाखों रुपये ठगते थे. उनके कर्मचारी नासिक रोड से सस्ते जंगली इमली के बीज सिर्फ 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदते थे. फिर इन्हें चमकाकर और कुछ अनुष्ठान करके बहुत महंगे दामों पर बेचा जाता था.
कैसे इमली के बीजों को चमका के बनाता था पत्थर?
एक अधिकारी ने बताया, 'जब लोग अपनी परेशानियां बताते थे, तो खरात इन साधारण पत्थरों और बीजों पर कुछ पूजा-पाठ करते थे और फिर इन्हें 10,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की कीमत पर ‘पवित्र’ और ‘शक्तिशाली’ बताकर ग्राहकों को बेच देते थे.' अशोक खरात को लोग 'कैप्टन' के नाम से भी जानते हैं क्योंकि वे पहले मर्चेंट नेवी में अधिकारी थे और अब रिटायर हो चुके हैं. उन्होंने सिन्नर तालुका के मीरगांव में स्थित ईशान्येश्वर मंदिर में यह पूरा धंधा चलाया. यहां वे लोगों का विश्वास जीतने के बाद उनसे भारी-भरकम दान और पैसे वसूलते थे.
पुलिस ने अब तक उनके खिलाफ तीन मामले दर्ज किए हैं
- पहला मामला: 28 वर्षीय एक युवती ने शिकायत की कि वर्ष 2022 से 2025 तक लगभग तीन साल तक अशोक खरात ने बार-बार उसका यौन शोषण किया. इसी शिकायत के आधार पर 17 मार्च को उन्हें गिरफ्तार किया गया था. वे अभी 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में हैं.
- दूसरा मामला: खरात के पूर्व कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उसने आरोप लगाया कि खरात ने आध्यात्मिक अनुष्ठान के बहाने उसकी सात महीने की गर्भवती पत्नी का लगभग दो साल तक यौन उत्पीड़न किया.
- तीसरा मामला: एक अन्य महिला ने कहा कि फरवरी 2020 से इस साल मार्च तक खरात ने उसे बार-बार बलात्कार किया. महिला ने बताया कि वैवाहिक कलह और तलाक के बाद खरात ने उसे “सुरक्षित भविष्य” का झांसा देकर बहकाया। जब महिला ने विरोध किया तो खरात ने उसे बेहोशी की दवा देकर गर्भपात भी करवा दिया.
पूर्व कर्मचारी ने और भी गंभीर आरोप लगाए
पूर्व कर्मचारी ने बताया कि जब उसने खरात की गतिविधियों पर शक किया तो उसने चुपके से खरात के केबिन में सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया. उस फुटेज में कथित तौर पर खरात को महिलाओं को अघोरी अनुष्ठान के नाम पर बेहोशी की दवा वाला पेय पिलाते और फिर बेहोश हालत में उनका यौन शोषण करते हुए देखा गया. जब कर्मचारी ने इसकी बात की तो खरात ने उसे नौकरी से निकाल दिया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी. कर्मचारी ने शुरू में इसलिए पुलिस में शिकायत नहीं की क्योंकि खरात के कुछ बड़े राजनेताओं से संबंध बताए जाते थे. लेकिन जब खरात की गिरफ्तारी की खबर आई तो उसने भी शिकायत दर्ज करा दी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अशोक खरात मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं और परेशान महिलाओं को निशाना बनाते थे. वे आध्यात्मिक और ज्योतिष के नाम पर मनोवैज्ञानिक खेल खेलकर लोगों को डराते-धमकाते और फिर उनसे पैसे ऐंठते थे. यह पूरा मामला नासिक पुलिस द्वारा जांचा जा रहा है और आगे भी कई और खुलासे हो सकते हैं.