'वचन दिया है इस्तीफा देना पड़ेगा', कांग्रेस विधायक ने सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलों को कर दिया क्लीयर- VIDEO

कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के संभावित इस्तीफे को लेकर जारी अटकलों के बीच कांग्रेस विधायक अशोक एम. पटन का एक बड़ा बयान सामने आया है.

कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ती दिख रही है. कांग्रेस हाईकमान द्वारा 2023 के कथित पावर-शेयरिंग फॉर्मूले को लागू करने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं. वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपे जाने की संभावनाएं लगातार मजबूत होती जा रही हैं. सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ विधायन ने सिद्धारमैया को इस्तीफा न देने पर जोर दिया लेकिन उन्होंने कहा कि हाई कमान को वचन दिया है उसका सम्मान करना पड़ेगा.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे बदलाव को संगठनात्मक संतुलन और राज्य की राजनीतिक स्थिरता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ा रहा है. बताया जा रहा है कि दिल्ली में हुई कई बैठकों के बाद अब इस पर अंतिम फैसला लगभग तय माना जा रहा है.

क्या सिद्धारमैया छोड़ेंगे मुख्यमंत्री पद?

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई के आसपास इस्तीफा दे सकते हैं. हालांकि उन्होंने पहले कभी किसी औपचारिक पावर-शेयरिंग समझौते से इनकार किया था, लेकिन पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी. कांग्रेस विधायक अशोक एम. पटन के बयान के बाद यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि मुख्यमंत्री राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं और जल्द ही पद छोड़ सकते हैं.

सिद्धारमैया के करीबी MLA ने बताई अंदर की बात 

कांग्रेस विधायक अशोक एम. पटन ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार दोपहर 3 बजे के बाद इस्तीफा दे सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मिलने का समय पहले ही तय कर लिया है. पटन के अनुसार, “मुख्यमंत्री कब और कैसे इस्तीफा देंगे, यह तय माना जा रहा है और अब सिर्फ औपचारिकता बाकी है.”

डीके शिवकुमार का नाम सबसे आगे

डीके शिवकुमार, जो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा सबसे मजबूत है. उन्होंने हाल के दिनों में दिल्ली में कई दौर की बैठकें की हैं. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस हाईकमान ने संकेत दिए हैं कि यह बदलाव जल्द लागू किया जा सकता है और अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की सहमति से लिया जाएगा.

संगठनात्मक संतुलन पर फोकस

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नया नेतृत्व सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा. नई सरकार में एक से अधिक डिप्टी सीएम बनाए जाने पर भी विचार चल रहा है, ताकि दलित, ओबीसी और अन्य समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके.

आगे क्या होगा?

कर्नाटक कांग्रेस में अब नजरें आने वाली CLP बैठक और हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हैं. अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होता है, तो डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं और राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

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