क्या अब भी हमारे देश में महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा? देखिए 2021 से लेकर 2026 तक की रिपोर्ट, इस राज्य में तो लड़कियां ही लड़कियां

क्या अब भी भारत में महिलाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद पुरुष अब भी अधिक हैं. इसी सवाल के साथ आइए 2021 से 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जानते हैं कि देश में लिंगानुपात को लेकर कितना सुधार हुआ है.

भारत में महिलाओं और पुरुषों के लिंगानुपात को लेकर चर्चा कोई नई नहीं है. दशकों से यह सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय बहस का अहम विषय रहा है. लगभग हर किसी को यह पता है कि देश में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम रही है. 2011 की जनगणना के अनुसार, देश में 1000 पुरुषों पर सिर्फ 943 महिलाएं थीं. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सरकार की विभिन्न योजनाओं, जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते इस तस्वीर में धीरे-धीरे बदलाव आने की बात कही जा रही है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में भारत का लिंगानुपात बेहतर हुआ है? अगर हां, तो कितना?

आज की इस खास सीरीज 'आंकड़ों देखी' में हम 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जानेंगे कि देश में मौजूदा महिला-पुरुष अनुपात क्या है, पिछले पांच वर्षों में इसमें कितना बदलाव आया है, किन राज्यों में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले सबसे अधिक है और किन राज्यों में स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है. आइए, आंकड़ों की मदद से समझते हैं कि भारत में महिलाओं के लिंगानुपात की असल तस्वीर क्या कहती है.

1. बात करें पिछले साल 2021 से 2025 तक के लिंगानुपात की तो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS-5) के मुताबिक कुछ आकड़े नीचे तस्वीर में पेश किया गया है.

2. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) और जनसांख्यिकी रुझानों के अनुसार भारत में प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या (लिंगानुपात) के आधार पर पांच प्रमुख राज्यों के आंकड़े इस प्रकार हैं-

 

3. वहीं बात करें हरियाणा कि जहां पर पुरुषों के अपेक्षा महिला की संख्या सबसे कम है तो यहां पर नीचे दिए गए तस्वीर के मध्यम से समझ सकते हैं साल 2026 की छमाही रिपोर्ट में क्या है?

4. हरियाणा में 2026 की पहली छमाही में पानीपत, पंचकूला और यमुनानगर समेत 10 जिलों में लिंगानुपात में गिरावट दर्ज हुई. वहीं पलवल, सोनीपत, रेवाड़ी, फरीदाबाद और करनाल में सुधार देखने को मिला.

 5. आखिर में हम बात करने जा रहे हैं हरियाणा के उन योजनाओं की जिसमें बेटियों की जनसंख्या को पढ़ाने और बचाने की बात होती है.

6. स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों ने हरियाणा में लिंगानुपात को लेकर चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों ने कन्या भ्रूण हत्या की आशंका जताते हुए PC-PNDT Act के सख्त पालन और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया है.


 

ऊपर दिए गए तस्वीरों के माध्यम से समझा जा सकता है कि भारत में पुरुष की अपेक्षा महिलाओं की संख्या कितनी है.

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