Exclusive: माता सीता के किरदार पर Anjali Arora ने बताया अपने सपनों की दुनिया, दिए उन सवालों के जवाब जिनके लिए बेकरार यूजर्स
Anjali Arora Exclusive Interview: अंजलि अरोड़ा ने पहली फिल्म, माता सीता के किरदार, परिवार के रिएक्शन और अपने सपनों पर खुलकर बात की.
Anjali Arora Exclusive: अंजलि अरोड़ा के लिए 25 सितंबर 2026 सिर्फ उनकी फिल्म की रिलीज डेट नहीं थी, बल्कि उनके उस सपने की शुरुआत भी थी, जिसके लिए उन्होंने लंबे समय तक मेहनत की है. फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में माता सीता का किरदार निभाकर अंजलि ने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा है.
रिलीज से पहले दिल्ली में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जहां अंजलि अपने परिवार, दोस्तों और करीबियों के बीच नजर आईं. इस खास मौके पर स्टेट मिरर हिंदी के संवाददाता सिद्धांत मोहन ने खास बातचीत की है और पहली फिल्म से जुड़ी अपनी भावनाएं शेयर की है इसी के साथ उन्होंने बताया कि ये तो बस शुरुआत है...
माता सीता का किरदार मिला तो अंजलि ने कैसे खुद को तैयार किया?
पहली फिल्म में माता सीता जैसे किरदार को निभाने के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर अंजलि अरोड़ा ने कहा कि वह खुद को सबसे पहले एक एक्टर मानती हैं. उनके मुताबिक, एक कलाकार के तौर पर उन्हें जो भी भूमिका मिलेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने की कोशिश करेंगी. अंजलि ने कहा कि उन्होंने माता सीता के किरदार को भी इसी सोच के साथ निभाया है. उनका मानना है कि उन्होंने इस भूमिका में माता सीता की मासूमियत को अपनी तरफ से पूरी ईमानदारी के साथ दिखाने की कोशिश की है.
उन्होंने दर्शकों से भी अपील की कि वे पहले पूरी फिल्म देखें और इसके बाद उनके अभिनय को लेकर अपनी राय बनाएं. अंजलि ने कहा कि उन्होंने माता सीता की मासूमियत को अपने तरीके से पर्दे पर उतारने की कोशिश की है. अब दर्शक उनके प्रयास को किस तरह देखते हैं, यह फिल्म देखने के बाद ही तय होगा.
‘मैंने बहुत कुछ हासिल नहीं किया, ये तो बस शुरुआत है’
अंजलि अरोड़ा से जब पूछा गया कि घर, गाड़ी और पहली फिल्म जैसे कई सपने पूरे होने के बाद अब उनकी अगली ख्वाहिश क्या है, तो उनका जवाब काफी अलग था. अंजलि ने साफ कहा कि वह अभी यह नहीं मानतीं कि उन्होंने जिंदगी में बहुत कुछ हासिल कर लिया है. उनके लिए यह उनके करियर की सिर्फ शुरुआत है. उन्होंने अपनी जर्नी को एक छोटी सी सीढ़ी चढ़ने जैसा बताया. अंजलि के मुताबिक, अभी उन्हें बहुत कुछ करना बाकी है और वह इसके लिए लगातार मेहनत कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि वह खुद पर इतना काम करना चाहती हैं कि आने वाले समय में अपने बाकी सपनों को भी पूरा कर सकें. यानी पहली फिल्म मिलने के बाद भी अंजलि की नजर सिर्फ इस एक उपलब्धि पर नहीं है. वह इसे अपने करियर की शुरुआत मान रही हैं.
रिलीज से पहले रात 2 बजे क्या सोच रही थीं अंजलि?
फिल्म की रिलीज और दिल्ली स्क्रीनिंग से ठीक पहले अंजलि के मन में क्या चल रहा था? क्या उन्हें घबराहट थी? क्या वह दर्शकों के रिएक्शन को लेकर नर्वस थीं? इस सवाल पर अंजलि ने एक दिलचस्प बात बताई. उन्होंने कहा कि रात के करीब 2 बजे वह मुंबई से दिल्ली आने वाली फ्लाइट में थीं. मुंबई की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी थी और अब दिल्ली में अपने परिवार और दोस्तों के बीच फिल्म देखने को लेकर वह बेहद उत्साहित थीं. अंजलि ने बताया कि मुंबई स्क्रीनिंग को लेकर जितनी एक्साइटमेंट थी, उससे कहीं ज्यादा उत्साह उन्हें दिल्ली स्क्रीनिंग के लिए था.
‘जब अपने साथ होते हैं तो रिव्यू का स्वाद अलग होता है’
अंजलि के लिए दिल्ली स्क्रीनिंग इसलिए भी खास थी क्योंकि यहां उनके अपने लोग मौजूद थे. उन्होंने बताया कि जब परिवार और करीबी लोग आपके काम को देखते हैं और अपनी ईमानदार प्रतिक्रिया देते हैं, तो उस अनुभव की खुशी अलग होती है. उनके मुताबिक, अपने लोगों के बीच फिल्म देखना और उनसे रिव्यू लेना एक अलग तरह का एहसास है. यही वजह है कि फिल्म की रिलीज के साथ-साथ दिल्ली की स्क्रीनिंग को लेकर भी अंजलि काफी उत्साहित थीं.
अंजलि के लिए ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ क्यों खास है?
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ अंजलि अरोड़ा के करियर की पहली फिल्म है. ऐसे में इस फिल्म के साथ उनके लिए सिर्फ एक नया किरदार नहीं, बल्कि बड़े पर्दे पर एक नई शुरुआत जुड़ी है. फिल्म में माता सीता का किरदार निभाना उनके लिए एक चुनौती भी रहा होगा और जिम्मेदारी भी. अंजलि ने बातचीत में जिस तरह किरदार को लेकर अपनी बात रखी, उससे साफ है कि वह इस भूमिका को सिर्फ अपने डेब्यू के तौर पर नहीं देख रही हैं, बल्कि इसे एक कलाकार के तौर पर अपनी क्षमता दिखाने के मौके के रूप में देखती हैं.
पहली फिल्म के बाद अब आगे क्या?
अंजलि अरोड़ा की बातों में एक चीज लगातार दिखाई देती है. वह अपनी पहली फिल्म को मंजिल नहीं बल्कि शुरुआत मानती हैं. उनका कहना है कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है. वह खुद पर लगातार काम करना चाहती हैं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत जारी रखना चाहती हैं. 25 सितंबर को ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ के साथ अंजलि ने फिल्मों की दुनिया में पहला कदम रखा है. अब इस शुरुआत को दर्शक किस तरह स्वीकार करते हैं, यह आने वाला वक्त बताएगा. लेकिन अंजलि की अपनी बातों से इतना जरूर सामने आता है कि वह इस पड़ाव को अंतिम उपलब्धि नहीं, बल्कि अपनी लंबी करियर जर्नी की पहली सीढ़ी मानती हैं.