सेवा अगर बदले की उम्मीद में हो तो वह सौदा बन जाती... ... Aaj ki Taaza Khabar: सेवा अगर बदले की उम्मीद में हो तो वह सौदा बन जाती है: मोहन भागवत- पढ़ें 28 दिसंबर की बड़ी खबरें
सेवा अगर बदले की उम्मीद में हो तो वह सौदा बन जाती है: मोहन भागवत
हैदराबाद, तेलंगाना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सेवा और राजनीति के संबंध पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जब सेवा किसी स्वार्थ या बदले की अपेक्षा से की जाती है, तो वह सच्ची सेवा नहीं बल्कि एक लेन-देन बन जाती है. मोहन भागवत ने कहा कि "सेवा कई कारणों से की जाती है. हर पांच साल में हम देखते हैं कि सेवा करने वालों की बाढ़ आ जाती है.
आगे कहा कि, वे हाथ जोड़कर, बड़ी मुस्कान के साथ घर-घर जाते हैं और कहते हैं-‘हमें आपकी सेवा करने का मौका दीजिए.’ फिर इतने लोग दिखाई देते हैं और उसके बाद पांच साल तक नजर नहीं आते. क्यों? क्योंकि सेवा बाद में कुछ पाने की उम्मीद से की जा रही होती है. इसलिए वह सच्ची सेवा नहीं है, वह एक सौदा है. हम आपका काम करेंगे, आप हमारा काम करिए." उन्होंने इशारों में कहा कि समाज के प्रति निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही वास्तविक सेवा होती है, जबकि स्वार्थ से प्रेरित सेवा टिकाऊ नहीं होती और उसका उद्देश्य भी सीमित रह जाता है.