Silver Price: बजट से पहले सोना-चांदी के क्यों गिर रहे हैं दाम? 24 घंटे के अंदर 1 लाख के करीब Crash हुआ सिल्वर
शनिवार 31 जनवरी और रविवार 1 फरवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को चौंका दिया. MCX पर चांदी एक ही दिन में 1 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट गई, जबकि सोना 10 ग्राम पर 33,000 रुपये तक सस्ता हो गया. यह गिरावट फ्यूचर्स के साथ-साथ फिजिकल मार्केट और ETFs में भी दिखी.;
Gold-Silver Price Crash: शनिवार यानी 31 जनवरी 2026 को और आज 1 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट देखी गई है कि निवेशकों के लिए ये एक बड़ा झटका बन गया है. घरेलू बाजार (MCX) में चांदी का भाव एक ही दिन में 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा टूट गया, जबकि सोना भी 10 ग्राम पर 30,000 से 33,000 रुपये तक सस्ता हो गया.
ये गिरावट सिर्फ वायदा बाजार (फ्यूचर्स) में ही नहीं, बल्कि फिजिकल मार्केट और ETFs में भी देखने को मिली। एक्सपर्ट्स पहले से ही चेतावनी दे रहे थे कि इतनी तेजी के बाद बड़ी गिरावट आ सकती है, और ठीक वैसा ही हुआ. आइए, इस सोना-चांदी प्राइस क्रैश समझते हैं – क्या हुआ, कितना गिरा, और इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं.
एक दिन में 1 लाख से ज्यादा की गिरावट!
चांदी ने पिछले कुछ दिनों में रॉकेट की तरह उछाल मारा था. गुरुवार (30 जनवरी) को MCX पर चांदी का भाव पहली बार 4 लाख 20 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक हाई पर पहुंच गया था. क्लोजिंग पर ये 3 लाख 99 हजार 893 रुपये पर बंद हुई. लेकिन शुक्रवार (31 जनवरी) को सब कुछ उलट-पुलट हो गया. मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव तेजी से गिरते हुए 2 लाख 91 हजार 922 रुपये तक पहुंच गया यानी सिर्फ एक कारोबारी दिन में 1 लाख 7 हजार 971 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट. हाई लेवल (4,20,048 रुपये) से तो कुल मिलाकर 1 लाख 28 हजार 126 रुपये की कमी आई. ये गिरावट इतनी तेज थी कि मार्केट में लोअर सर्किट भी लग गए, यानी बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. चांदी का ये क्रैश पिछले 15 सालों में सबसे बड़ा सिंगल-डे फॉल माना जा रहा है.
सोना भी नहीं बचा - 10 ग्राम पर 33,000 रुपये से ज्यादा सस्ता!
सोने ने भी चांदी के साथ ही रिकॉर्ड बनाया था. गुरुवार को MCX पर सोने का भाव 1 लाख 93 हजार 96 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफटाइम हाई पर पहुंचा था. क्लोजिंग पर ये 1 लाख 83 हजार 962 रुपये पर बंद हुआ. लेकिन शुक्रवार को:अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 1 लाख 50 हजार 849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ यानी एक दिन में 33,113 रुपये की बड़ी गिरावट. हाई से देखें तो कुल 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया. फिजिकल मार्केट में भी दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में 24 कैरेट सोना 1 लाख 69 हजार रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 3 लाख 50 हजार से 3 लाख 95 हजार प्रति किलो के बीच.
अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
मुख्य कारण ये हैं ये क्रैश अचानक नहीं हुआ कई वजहें एक साथ काम कर रही थीं:
भारी मुनाफावसूली- पिछले महीनों में सोना-चांदी में जबरदस्त तेजी आई थी। चांदी तो 170% तक चढ़ गई थी। जब कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचीं, तो बड़े निवेशक और संस्थागत खिलाड़ी (इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) ने अपना मुनाफा निकालना शुरू कर दिया. इतनी बिकवाली से कीमतें धड़ाम से गिर गईं.
अमेरिकी डॉलर की मजबूती- सोना-चांदी की कीमतें आमतौर पर डॉलर के उलट चलती हैं। जब US डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के लिए ये महंगे हो जाते हैं, डिमांड घटती है और कीमतें गिरती हैं. हाल में डॉलर में अच्छी रिकवरी आई, जिसने दबाव बढ़ाया.
US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी- अमेरिकी बॉन्ड्स की यील्ड बढ़ने से निवेशक सुरक्षित बॉन्ड्स में पैसा डालने लगे, जहां ज्यादा रिटर्न मिल रहा था. इससे सोना-चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली एसेट्स से पैसा निकला.
ट्रंप के बयान और Fed चेयर की चर्चा- डोनाल्ड ट्रंप के कुछ बयानों से ग्लोबल टेंशन कम होने का अंदेशा हुआ. साथ ही, US फेड चेयर जेरोम पॉवेल की जगह उनके पसंदीदा केविन वार्श के नाम की खबरों ने मार्केट में अनिश्चितता बढ़ाई, जिससे सुरक्षित निवेश वाली सोना-चांदी पर दबाव पड़ा.
ओवरबॉट स्थिति और टेक्निकल करेक्शन- कीमतें बहुत तेजी से चढ़ी थीं, मार्केट ओवरबॉट (बहुत ज्यादा खरीदारी वाली) हो गई थी। ऐसे में थोड़ी भी बिकवाली से बड़ा करेक्शन आ जाता है.