रूसी मूल के जज लियो सोरोकिन कौन, यहूदी परिवार से नाता; H-1B वीजा फीस पर ट्रंप को दिया बड़ा झटका, जानें 8 बड़ी बातें
अमेरिकी फेडरल जज लियो सोरोकिन ने H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस को खारिज करते हुए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया है. जज ने साफ कहा कि राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ऐसा टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है.
H1B Visa Fee Cancelled
H1B Visa Fee Cancelled: अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को बड़ा कानूनी झटका लगा है. एक फेडरल जज ने ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 1 लाख डॉलर (करीब 85 लाख रुपये) के अतिरिक्त शुल्क को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है. इस फैसले के बाद अमेरिकी न्यायपालिका और इमिग्रेशन नीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.
इस फैसले के केंद्र में हैं अमेरिकी फेडरल जज लियो सोरोकिन, जिन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ऐसा टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है. आइए जानते हैं इस मामले और जज लियो सोरोकिन से जुड़ी 8 बड़ी बातें.
1. बोस्टन स्थित यूएस डिस्ट्रिक्ट जज लियो सोरोकिन ने ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त H-1B फीस को खारिज कर दिया. अदालत ने माना कि यह शुल्क वास्तव में एक टैक्स की तरह है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति के पास संवैधानिक अधिकार नहीं हैं.
2. फैसले में जज सोरोकिन ने कहा "इस शुल्क का स्वरूप और उसका इस्तेमाल साफ तौर पर दिखाता है कि यह टैक्स है, भले ही इसे कुछ और नाम दिया गया हो."
3. ट्रंप प्रशासन का तर्क था कि यह शुल्क नहीं, बल्कि विदेशी नागरिकों के प्रवेश को सीमित करने के लिए लगाया गया एक आर्थिक दंड (Monetary Penalty) है. हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि इसका प्रभाव टैक्स जैसा ही है.
4. इस मामले में अमेरिका के 20 डेमोक्रेटिक राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने संयुक्त रूप से अदालत का दरवाजा खटखटाया था. उनका आरोप था कि राष्ट्रपति प्रशासन कांग्रेस की मंजूरी के बिना आर्थिक बोझ नहीं थोप सकता.
5. H-1B वीजा मुख्य रूप से तकनीकी और उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों के लिए उपयोग किया जाता है. ऐसे में अदालत का यह फैसला अमेरिकी टेक कंपनियों और विदेशी कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है.
6. 64 वर्षीय लियो सोरोकिन अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य से आते हैं. वे एक यहूदी परिवार से संबंध रखते हैं और रूसी मूल के हैं. अमेरिकी न्यायपालिका में उनकी पहचान एक प्रगतिशील और संवैधानिक मूल्यों को प्राथमिकता देने वाले न्यायाधीश के रूप में की जाती है. वे वर्तमान में मैसाचुसेट्स के बोस्टन में यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में कार्यरत हैं.
7. लियो सोरोकिन ने 1983 में येल यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने 1991 में कोलंबिया लॉ स्कूल से कानून की डिग्री हासिल की. उन्होंने मैसाचुसेट्स अटॉर्नी जनरल कार्यालय में असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल के रूप में काम किया. 1997 से 2005 तक वे फेडरल पब्लिक डिफेंडर रहे और कई महत्वपूर्ण मामलों में कानूनी सेवाएं दीं.
8. 2005 में उन्हें यूएस मैजिस्ट्रेट जज नियुक्त किया गया. बाद में 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें यूएस डिस्ट्रिक्ट जज के पद के लिए नामित किया, जिसे अमेरिकी सीनेट ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी.




