खत्म होगा अमेरिका-ईरान तनाव? ट्रंप ने 9 मुस्लिम देशों के नेताओं से बातचीत के बाद दी ‘बड़ी डील’ की खबर, लेकिन यहां फंस रहा पेंच
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा समझौता अंतिम चरण में है. ट्रंप का कहना है कि जल्द ही होर्मुज पूरी तरह से खुल जाएगा. लेकिन एक जगह पेंच फंस सकता है.
Iran-America Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने को लेकर एक बड़े समझौते पर सहमति बनने के करीब है. ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) को भी फिर से खोला जाएगा.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि समझौते पर “काफी हद तक बातचीत पूरी हो चुकी है” और अब केवल अंतिम औपचारिकताएं बाकी हैं. उन्होंने लिखा, “अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच एक समझौता लगभग तय हो चुका है. अब केवल अंतिम मंजूरी और कुछ विवरण बाकी हैं.”
ईरान समझौते पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि इस समझौते का एक अहम हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना होगा. हाल के महीनों में यह समुद्री मार्ग क्षेत्रीय तनाव का बड़ा केंद्र बना हुआ है. उन्होंने कहा, “समझौते के अंतिम पहलुओं और डिटेल पर अभी चर्चा चल रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी. इस समझौते के कई अन्य हिस्सों के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी खोला जाएगा.”
किन नेताओं से हुई बातचीत?
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ओवल ऑफिस से कई देशों के नेताओं के साथ बातचीत की. इनमें सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, यूएई के राष्ट्रपति Mohammed bin Zayed Al Nahyan, कतर के अमीर Tamim bin Hamad Al Thani, पाकिस्तान सेना प्रमुख Asim Munir, तुर्किये के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan, मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi, जॉर्डन के किंग Abdullah II और बहरीन के किंग Hamad bin Isa Al Khalifa शामिल थे.
क्या नेतन्याहू हुए रज़ामंद?
ट्रंप के मुताबिक, इन बातचीतों का मुख्य विषय ईरान और “शांति से जुड़े व्यापक समझौते” पर केंद्रित था. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अलग से इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से भी बातचीत की, जो “काफी अच्छी” रही.
डील में क्या फंस रहा पेंच?
हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया कि प्रस्तावित समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खोल दिया जाएगा. ईरान ने कहा कि इस समुद्री मार्ग पर नियंत्रण तेहरान के पास ही रहेगा. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Fars News Agency ने ट्रंप के बयान को “हकीकत से दूर” बताया. एजेंसी ने कहा कि बातचीत में जिन शर्तों पर चर्चा हो रही है, उनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रबंधन ईरान के नियंत्रण में ही रहेगा.
रिपोर्ट के अनुसार, यदि समझौता होता भी है, तब भी जहाजों के मार्ग, आवाजाही का समय, आवागमन की प्रक्रिया और परमिट जारी करने का अधिकार ईरान के पास रहेगा. रिपोर्ट में कहा गया, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रबंधन, मार्ग तय करना, समय निर्धारित करना और परमिट जारी करना पूरी तरह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के नियंत्रण में रहेगा.”
समझौते में पाकिस्तान का क्या रहा रोल?
ईरान ने शनिवार को कहा था कि वह अमेरिका के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) की दिशा में काम कर रहा है. यह बयान तेहरान में पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद आया.
पाकिस्तान सेना ने इन वार्ताओं को “उत्साहजनक” बताया. वहीं, बातचीत में शामिल पाकिस्तान के दो सूत्रों ने Reuters को बताया कि प्रस्तावित समझौता “युद्ध समाप्त करने के लिए काफी व्यापक” है.
कितने फेज में लागू होगा समझौता?
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित ढांचे को तीन चरणों में लागू किया जा सकता है. पहले चरण में संघर्ष को औपचारिक रूप से खत्म किया जाएगा. दूसरे चरण में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट को सुलझाया जाएगा और तीसरे चरण में व्यापक समझौते के लिए 30 दिनों की बातचीत शुरू होगी, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है.
अमेरिका की क्या हैं शर्ते?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio, जो इस समय भारत दौरे पर हैं, ने भी संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका की शर्तों को दोहराया था. रुबियो ने कहा, “ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रख सकता. समुद्री मार्ग बिना किसी शुल्क के खुले होने चाहिए और ईरान को अपने समृद्ध यूरेनियम को सौंपना होगा.”
शनिवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने कहा था कि बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में बड़ा अपडेट सामने आ सकता है. उन्होंने कहा, “जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, उसी समय भी बातचीत चल रही है. संभव है कि आज देर रात, कल या अगले कुछ दिनों में हमारे पास कुछ कहने के लिए हो.”
ट्रंप इससे पहले चेतावनी दे चुके हैं कि अगर समझौता नहीं हुआ तो इसके “भयानक परिणाम” हो सकते हैं. उन्होंने कहा था कि “पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है” और बाद में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि “समय तेजी से निकल रहा है.”




