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ईरान ने खोला मोर्चा, इजरायल था जवाब को तैयार...तभी ट्रंप ने कर दिया बड़ा खेल..10 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला

बेरूत पर इजरायली हमले के बाद ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं. बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन खड़का दिया और कहा कि वह जवाबी कार्रवाई न करे.

ईरान ने खोला मोर्चा, इजरायल था जवाब को तैयार...तभी ट्रंप ने कर दिया बड़ा खेल..10 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला
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Iran Attack America: ईरान ने सोमवार को इजरायल की ओर मिसाइलों की बौछार कर दी. यह हमला बेरूत पर हुए ताजा हमले के बाद अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की ईरानी चेतावनी के बीच किया गया. अप्रैल में लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बाद यह पहली बार है जब ईरान ने सीधे इजरायल पर इस तरह का हमला किया है.हालांकि, ट्रंप ने नेतन्याहू ने संयम बरतने की अपील की है.

इससे पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा था कि ईरान "केवल बातचीत का रास्ता नहीं रोकेगा, बल्कि दुश्मन के साथ सीधे टकराव में भी उतरेगा." उनका यह बयान दक्षिणी लेबनान और बेरूत पर जारी इजरायली हमलों के बाद आया. मिसाइलें दागे जाने के कुछ ही समय बाद इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमले की पुष्टि भी की थी.

  1. पहले हमले के बाद इजराइल ने दोबारा फिर मिसाइल हमले किए थे. हालांकि ट्रंप ने फोन कर नेतन्याहू को जवाबी हमले करने से मना कर दिया.
  2. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल से जवाबी कार्रवाई न करने की अपील की.
  3. ट्रंप ने कहा कि वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन कर संयम बरतने के लिए कहेंगे.
  4. ट्रंप के मुताबिक दोनों पक्ष अपनी-अपनी सैन्य कार्रवाई कर चुके हैं और अब आगे तनाव बढ़ाने की जरूरत नहीं है.
  5. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने के बेहद करीब है. उन्होंने कहा कि नया सैन्य संघर्ष कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकता है.
  6. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि समझौते पर अगले कुछ दिनों में हस्ताक्षर हो सकते हैं. ट्रंप ने ईरान से वार्ता की मेज पर लौटने और समझौता करने की अपील की.
  7. फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हालिया हमलों का बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ा है.
  8. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी समझौते को नेतन्याहू को स्वीकार करना होगा. उन्होंने कहा कि अंतिम फैसले अमेरिका लेता है, इजरायल नहीं.
  9. ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से भी बातचीत करने को तैयार हैं. उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है.
  10. ट्रंप ने कहा कि वह दुनिया और अपने देश दोनों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं.
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