Begin typing your search...

ऐसा बाजार जहां सामान नहीं, मिलते हैं दूल्हा-दुल्हन- रिश्तों की इस मंडी के बारे में जानकर रह जाएंगे हैरान

चीन में एक ऐसा अनोखा बाजार लगता है, जहां लोग सामान खरीदने नहीं बल्कि अपने बच्चों के लिए दूल्हा-दुल्हन ढूंढने पहुंचते हैं. शंघाई के पीपुल्स पार्क में हर वीकेंड लगने वाले इस “मैरिज मार्केट” में माता-पिता अपने बेटे-बेटियों की प्रोफाइल लेकर रिश्ते तलाशते नजर आते हैं.

ऐसा बाजार जहां सामान नहीं, मिलते हैं दूल्हा-दुल्हन- रिश्तों की इस मंडी के बारे में जानकर रह जाएंगे हैरान
X

ऐसा बाजार जहां सामान नहीं मिलते हैं दूल्हा-दुल्हन

( Image Source:  chatgpt )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 24 May 2026 4:29 PM IST

आज के दौर में जहां लोग डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के जरिए पार्टनर तलाशते हैं, वहीं चीन में एक ऐसी जगह है जहां माता-पिता खुद अपने बच्चों के लिए रिश्ता खोजने निकल पड़ते हैं. यह अनोखी जगह “मैरिज मार्केट” के नाम से मशहूर है, जो हर सप्ताह सैकड़ों परिवारों से गुलजार रहती है.

यह मैरिज मार्केट चीन के Shanghai शहर के प्रसिद्ध People's Park में लगता है. हर वीकेंड यहां माता-पिता अपने बेटे या बेटी की जानकारी लेकर पहुंचते हैं और दूसरे परिवारों से बातचीत करके रिश्ते तलाशते हैं.

मैरिज मार्केट में क्या होता है?

इस बाजार में लोग किसी सामान की खरीदारी नहीं करते, बल्कि रिश्तों की तलाश करते हैं. पार्क में जगह-जगह कागजों पर लिखी प्रोफाइल्स टंगी होती हैं, जिनमें उम्र, नौकरी, एजुकेशन, सैलरी, लंबाई और हॉबी जैसी जानकारियां दी जाती हैं. पेरेंट्स इन प्रोफाइल्स को पढ़ते हैं और अगर कोई रिश्ता पसंद आ जाए तो दूसरे परिवार से बातचीत शुरू कर देते हैं. कई बार फोन नंबर एक्सचेंज होते हैं और फिर आगे मुलाकात तय की जाती है.

ऑफलाइन मैचमेकिंग का अनोखा तरीका

अगर इसे आसान भाषा में समझें तो यह एक तरह का ऑफलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म है, जहां बच्चों की जगह उनके माता-पिता “मैचमेकिंग” करते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मोबाइल स्क्रीन की जगह पार्क की गलियों में घूमकर रिश्ते तलाशे जाते हैं. कई लोग इसे पुराने जमाने की अरेंज मैरिज का मॉर्डन रूप भी मानते हैं. यहां बातचीत काफी गंभीर होती है और परिवार फ्यूचर को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं.

क्यों इतना पॉपुलर है यह बाजार?

कहा जाता है कि चीन में कई यंगस्टर्स अपने करियर और काम में इतने बिजी रहते हैं कि उन्हें रिश्ते बनाने का समय नहीं मिल पाता. वहीं कुछ लोग नेचर से शर्मीले भी होते हैं, जिसके कारण माता-पिता उनकी शादी की जिम्मेदारी खुद उठा लेते हैं. कुछ विशेषज्ञ इसे चीन की पुरानी वन चाइल्ड पॉलिसी से भी जोड़ते हैं. इस नीति के कारण जनसंख्या बैलेंस पर असर पड़ा और शादी के लिए सही पार्टनर ढूंढना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया.

विदेशी लोगों के लिए भी अलग सेक्शन

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में कई लोगों ने दावा किया है कि इस मैरिज मार्केट में विदेशी नागरिकों के लिए भी अलग सेक्शन मौजूद है. यहां प्रोफेशनल मैचमेकर भी लोगों की मदद करते हैं और सही रिश्ता ढूंढने में सलाह देते हैं.

वर्षों पुरानी है यह परंपरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मैरिज मार्केट 2000 के शुरुआती दशक से लोकप्रिय होना शुरू हुआ था. समय के साथ यह सिर्फ एक स्थानीय परंपरा नहीं रहा, बल्कि अब दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है.

अगला लेख