July 4, 2026
असम ने टी इंडस्ट्री में नया मुकाम हासिल किया है. तिनसुकिया जिले के छोटा तिंगराई टी एस्टेट ने देश में पहली बार कमर्शियल लेवल पर माचा चाय का प्रोडक्शन शुरू किया है.
माचा एक खास तरह की ग्रीन टी है, जिसे छाया में उगाई गई चाय की पत्तियों से बनाया जाता है. इन पत्तियों को सुखाकर बारीक पाउडर तैयार किया जाता है, जिसे सीधे पानी में मिलाकर पिया जाता है.
साधारण ग्रीन टी में सिर्फ पत्तियों का अर्क पिया जाता है, जबकि माचा में पूरी पत्ती का पाउडर इस्तेमाल होता है. इसी वजह से इसमें पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में पाए जाते हैं.
छोटा तिंगराई टी एस्टेट ने जापान के एक्सपर्ट के साथ करीब 10 सालों तक काम किया. इस दौरान जापानी तकनीक अपनाकर मॉर्डन प्रोडक्शन यूनिट तैयार की गई.
भारत में तैयार की गई पहली माचा चाय की खेप गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर में नीलाम हुई. इसकी पहली लॉट 3,000 रुपये में बिकी, जिसे एक लोकल चाय कंपनी ने खरीदा.
माचा अपने गहरे हरे रंग, खास स्वाद और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण दुनियाभर में तेजी से पॉपुलर हो रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में माचा बनाने से देश वैश्विक मांग का लाभ उठा सकेगा. इससे भारतीय चाय उद्योग को नई पहचान मिलने मिलने की उम्मीद है.