May 23, 2026
वक्त के हर दौर में साइलेंटली मौजूद हूं डायनासोर गायब हुए मैं फिर भी आबाद हूं
दीवारों से दोस्ती कोनों में राज है हालात जैसे भी हों सर्वाइव मेरा अंदाज़ है
बिना हो हल्ला चलता हूं पलक झपकते गायब होता हूं मार पड़े तो सह लेता हूं फिर भी वापस आता हूं
गंदगी में पलता हूं रेडिएशन भी झेल लेता हूं दुनिया चाहे जितना कुचले बिना सिर के जिंदा रहता हूं
मजबूत हूं, मौन हूं मार्च से अक्टूबर तक मौज में हूं खून ठंडा है इसलिए गुस्से का अहिंसक विस्फोट हूं
दबा हूं, गया गुजरा हूं आलसियों की आवाज हूं कुचलने की कोशिश कत्तई न करना, क्योंकि मैं कॉकरोच हूं!