कुछ साल पहले तक ChatGPT को सिर्फ सवालों के जवाब देने वाले एक AI चैटबॉट के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब इसकी भूमिका तेजी से बदल रही है. OpenAI का लक्ष्य केवल एक AI असिस्टेंट बनाना नहीं, बल्कि ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करना है जहां यूजर्स को अलग-अलग ऐप्स और वेबसाइट्स पर जाने की जरूरत ही न पड़े. कोडिंग, कंटेंट राइटिंग, डिजाइनिंग, रिसर्च, शॉपिंग, बुकिंग और रोजमर्रा के कई काम एक ही जगह पर पूरे करने की दिशा में ChatGPT लगातार आगे बढ़ रहा है. अगर OpenAI का यह विजन सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है और ChatGPT दुनिया के पहले AI-पावर्ड Super App के रूप में उभर सकता है.