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राजस्थान में मिला नया नैचुरल गैस का सोर्स, रोजाना इतना होता है प्रोडक्शन

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान के डांडेवाला क्षेत्र में Oil India Limited ने नया गैस-समृद्ध ज़ोन खोज निकाला है.

राजस्थान में मिला नया नैचुरल गैस का सोर्स, रोजाना इतना होता है प्रोडक्शन
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( Image Source:  x-@HardeepSPuri )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Published on: 24 May 2026 5:26 PM

राजस्थान में भारत को नैचुरल गैस के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है. डांडेवाला फील्ड में ऑयल इंडिया लिमिटेड ने नया गैस-ज़ोन खोजा है, जहां से पहली बार सानू फॉर्मेशन से नैचुरल गैस का प्रवाह शुरू हुआ ह. इस खोज को देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि इस नए सोर्स से रोजाना करीब 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन हो रहा है. केंद्रीय मंत्री ने इसे भारत के ऊर्जा सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है, जो भविष्य में घरेलू गैस उत्पादन को और मजबूती दे सकती है.

रोजाना कितना होता है गैस का प्रोडक्शन?

इस नए गैस भंडार से करीब 25,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर रोजाना नैचुरल गैस का फ्लो हो रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अचीवमेंट भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी और विदेशी ऊर्जा निर्भरता कम करने में भी योगदान दे सकती है. सरकार लंबे समय से घरेलू तेल और गैस उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. ऐसे में राजस्थान से मिली यह सफलता एनर्जीी सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

प्रधानमंत्री मोदी के विजन को मिलेगा बल

हरदीप सिंह पुरी ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने इस उपलब्धि को “न्यू इंडिया” की ऊर्जा क्षमता का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि देश अब सिर्फ ऊर्जा उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि घरेलू संसाधनों के दम पर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.

Oil India की टीम की सराहना

केंद्रीय मंत्री ने Oil India की टीम की मेहनत, तकनीकी क्षमता और समर्पण की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कंपनी की तकनीकी उत्कृष्टता और लगातार प्रयासों की बदौलत यह सफलता संभव हो सकी है. ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस क्षेत्र में आगे और गैस भंडार मिलते हैं, तो राजस्थान देश के महत्वपूर्ण ऊर्जा हब के रूप में उभर सकता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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