1091 रन, 137 बाउंड्री और 725 रन से जीत! कहानी क्रिकेट के उस मैच की जिसका रिकॉर्ड आज तक नहीं टूटा
भारत की धरती पर रेड बॉल क्रिकेट में एक मुकाबला ऐसा भी खेला गया है, जिसमें सबसे बड़ी जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया था. ये रिकॉर्ड आज तक नहीं टूट पाया है.
cricket biggest win world record
क्रिकेट के मैदान पर कई बड़े रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं. एक ऐसा ही रिकॉर्ड भारतीय घरेलू क्रिकेट में बना, जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया. इस मुकाबले में एक टीम ने ऐसी एकतरफा जीत दर्ज की, जिसे आज भी क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में गिना जाता है.
इस मैच में रनों का ऐसा सैलाब आया कि दोनों टीमों की पारियों को मिलाकर कुल 1091 रन बने. बल्लेबाजों ने जमकर चौके-छक्कों की बरसात की और रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय जोड़ दिया लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस ऐतिहासिक जीत की हुई, जिसमें विजेता टीम ने सामने वाली टीम को 725 रनों के विशाल अंतर से हराकर विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया.
किसने दर्ज की FC क्रिकेट की सबसे बड़ी जीत?
फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड मुंबई के नाम दर्ज है. मुंबई ने 9 जून 2022 को खेले गए रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उत्तराखंड को 725 रनों से हराकर नया इतिहास रच दिया था. यह जीत इतनी बड़ी थी कि इससे पहले बना दशकों पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छूट गया.
मुंबई और उत्तराखंड के बीच खेले गए इस मुकाबले में कुल 1091 रन बने. बल्लेबाजों ने पूरे मैच के दौरान 113 चौके और 24 छक्के लगाए, जिससे दर्शकों को चौकों-छक्कों से भरपूर क्रिकेट देखने को मिला. एक ओर मुंबई के बल्लेबाजों ने विशाल स्कोर खड़ा किया, वहीं उत्तराखंड की बल्लेबाजी दोनों पारियों में बुरी तरह संघर्ष करती नजर आई.
किसने ठोका था दोहरा शतक?
मुंबई की पहली पारी में युवा बल्लेबाज सुवेद परकर ने यादगार प्रदर्शन किया. अपने डेब्यू फर्स्ट क्लास मैच में उन्होंने 447 गेंदों पर 252 रनों की शानदार दोहरी शतकीय पारी खेली. उनकी इस पारी ने मुंबई को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. सुवेद परकर के अलावा सरफराज खान ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 205 गेंदों में 153 रन बनाए.
कैसा रहा था मैच का हाल?
आलूर में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने पहली पारी में 647 रन बनाकर पारी घोषित की. जवाब में उत्तराखंड की टीम पहली पारी में सिर्फ 114 रन पर सिमट गई. इसके बाद मुंबई ने फॉलोऑन देने के बजाय दूसरी पारी में बल्लेबाजी जारी रखी और 261 रन और जोड़ दिए, इस तरह उत्तराखंड के सामने असंभव सा लक्ष्य खड़ा हो गया.
मैच के चौथे दिन उत्तराखंड की दूसरी पारी भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी. टीम महज 69 रन पर ऑलआउट हो गई और 28 ओवर के भीतर उसके सभी बल्लेबाज पवेलियन लौट गए. इसी के साथ मुंबई ने 725 रनों के विशाल अंतर से जीत दर्ज करते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट की सबसे बड़ी जीत का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
इंटरनेशनल क्रिकेट में किसने नाम ये रिकॉर्ड?
अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में रनों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम है. इंग्लैंड ने 1928 में ऑस्ट्रेलिया को 675 रनों से हराया था. हालांकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में मुंबई की 725 रन की जीत इस रिकॉर्ड से भी बड़ी साबित हुई और उसने क्रिकेट इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया.




