खूबसूरती की चाह बनी सजा! 6 साल से आंखें बंद कर नहीं सो पाई महिला, FAQ से जानें पूरा मामला
चीन की एक महिला ने अपनी पलकों को आकर्षक बनाने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई थी, लेकिन इसका परिणाम बेहद दर्दनाक निकला. सर्जरी के बाद से वह पिछले छह साल से आंखें बंद करके नहीं सो पा रही है और लगातार आंखों से आंसू बहते रहते हैं.
हर महिला की चाहत होती है वह हर तरीके से खूबसूरत दिखे. जिन्हें अपनी ख़ूबसूरती में कुछ कमियां महसूस होती है वह अपनी ब्यूटी को इन्हैंस करने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी का सहारा लेती है, जिसमें कुछ गलत नहीं है. लेकिन ध्यान सिर्फ इस बात का रखना है कि आप जो कॉस्मेटिक सर्जरी करवा रही है वो कितना जरुरी है और उसके साइड इफ़ेक्ट क्या होंगे?. क्योंकि कभी कभी जल्दबाजी और एक्साइटमेंट में हमें इस कॉस्मेटिक सर्जरी की प्रक्रिया भारी पड़ सकती है. कुछ ऐसा ही हुआ चीन की एक महिला के साथ जिसे साल 2020 में अपनी आंखों की सर्जरी इतनी भारी पड़ी कि जिसकी सजा वह 6 साल से भुगत रही है.
आज वह महिला पिछले छह साल से अपनी आंखें बंद करके सो तक नहीं पाई है और उसकी आंखों से चौबीसों घंटे आंसू बहते रहते हैं. इस चीनी महिला का नाम वांग है और इसने जियांग्सू प्रांत के सूझोउ शहर में एक कॉस्मेटिक क्लिनिक में अपनी पलकों को और ज्यादा खूबसूरत दिखाने के लिए सर्जरी करवाई थी. इस सर्जरी में महिला ने 12 हजार युआन (1.4 लाख रुपये) खर्च किए थे. इसलिए ऐसी गलती आप न कर बैठे उससे पहले FAQ के तहत इस पूरे मामले को समझे कि कॉस्मेटिक सर्जरी करवाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
कॉस्मेटिक सर्जरी से पहले पहले जानें मामला और सावधानियां
महिला ने 'डबल आईलिड सर्जरी' कराई थी. एशियाई देशों, खासतौर से चीन और साउथ कोरिया में, यह सर्जरी बेहद पॉपुलर है. कई एशियाई लोगों की आंखों की पलकों पर नेचुरल 'क्रीज' (फोल्ड) नहीं होता, जिससे आंखें छोटी दिखती हैं. डबल आईलिड सर्जरी के जरिए पलकों पर एक आर्टिफीसियल फोल्ड बनाया जाता है, जिससे आंखें बड़ी और खुली नजर आती हैं. वांग भी इसी खूबसूरती की चाहत में क्लिनिक पहुंची थीं.
वांग ने बताया कि ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद उनकी स्थिति बिगड़ने लगी. उनकी आंखों में असहनीय और तेज दर्द होने लगा. पलकों का आकार पूरी तरह से असामान्य हो गया था और आंखों के आसपास के हिस्से में भयंकर सूजन आ गई थी. दर्द और तकलीफ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
जब वांग ने तकलीफ बढ़ने पर सर्जरी करने वाली डॉक्टर) से संपर्क किया, तो उसने इस गंभीर समस्या को बेहद हल्के में लिया. क्लिनिक की तरफ से वांग को झूठा आश्वासन दिया गया कि यह सर्जरी के बाद के नॉर्मल साइड इफ़ेक्ट है और कुछ ही दिनों में सूजन कम होने पर सब कुछ बिल्कुल ठीक हो जाएगा. लेकिन 2 दिन में हफ्तों में और हफ्ते महीनों में बदल गए, पर स्थिति सुधरने के बजाय बदतर होती चली गई
जब स्थिति पूरी तरह कंट्रोल से बाहर हो गई, तो वांग ने बड़े अस्पताल के एक्सपर्ट डॉक्टरों से अपनी जांच कराई. जांच की रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली थी. डॉक्टरों ने पाया कि सर्जरी के दौरान वांग की आंखों की बेहद ग्रंथियों (Glands) और पलकों की नसों को बुरी तरह डैमेज कर दिया गया था.
उनकी आंखें इस कदर डैमेज हो चुकी हैं कि वह चाहकर भी अपनी आंखों को पूरी तरह बंद नहीं कर पाती हैं। इसका मतलब यह है कि वह पिछले छह साल से अपनी आंखें खोलकर ही सोने को मजबूर हैं, जिससे उनकी नींद और मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह तबाह हो चुका है
चीन का यह मामला कोई पहला मामला नहीं है. दुनिया भर से ऐसे कई मामले सामने आते रहते हैं जहां लोग सस्ते के चक्कर में या बिना जांच-पड़ताल किए गलत क्लिनिक का चुनाव कर लेते हैं.
अक्सर लोग कम पैसों के विज्ञापन देखकर अट्रैक्ट हो जाते हैं. याद रखें, एक प्रोफेशनल और अनुभवी सर्जन की फीस और क्लिनिक के खर्चे ज्यादा हो सकते हैं, लेकिन वहां आपकी जान और सेहत सुरक्षित रहती है.
सर्जरी टेबल पर लेटने से पहले यह सुनिश्चित करें कि डॉक्टर के पास 'प्लास्टिक या कॉस्मेटिक सर्जरी' की वैध डिग्री (जैसे भारत में M.Ch या DNB) है या नहीं. क्लिनिक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए.
डॉक्टर ने पहले जो सर्जरीज की हैं, उनके रिकॉर्ड्स और मरीजों के फीडबैक को जरूर टटोलें.
हर सर्जरी के कुछ न कुछ साइड इफेक्ट्स या रिस्क होते हैं. सर्जरी से पहले अपने डॉक्टर से खुलकर पूछें कि अगर कुछ गड़बड़ हुई, तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं.




