Begin typing your search...

मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच Strait of Hormuz को पार कर सऊदी अरब से कैसे Mumbai पहुंचा तेल टैंकर? वजह जान चौंक जाएंगे आप

गल्फ क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात के बीच एक भारतीय कप्तान के नेतृत्व वाला तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार कर सुरक्षित मुंबई पहुंच गया. जहाज ने खतरनाक इलाके में कुछ समय के लिए अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया था. इस बीच क्षेत्र में जहाजों पर हमलों के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

Indian captain oil tanker reached mumbai port from saudi arabia
X

युद्ध के बीच ‘डार्क मोड’ में होर्मुज़ पार कर मुंबई पहुंचा तेल टैंकर

( Image Source:  Sora_ AI )

Middle East में बढ़ते युद्ध के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. एक भारतीय कप्तान के नेतृत्व में चल रहा तेल टैंकर खतरनाक हालात के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार करके सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया. इस दौरान जहाज ने सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया था.

जानकारी के मुताबिक, Shenlong Suezmax नाम का यह तेल टैंकर सऊदी अरब के Ras Tanura Port से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था. जहाज पर करीब 1,35,335 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लदा हुआ था. यह टैंकर बुधवार को सुरक्षित रूप से Mumbai Port पहुंच गया, जहां अब तेल को उतारकर मुंबई की रिफाइनरियों तक भेजा जा रहा है.

Strait of Hormuz से कैसे गुजरा जहाज?

शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, जब यह जहाज Strait of Hormuz से गुजर रहा था, तब इसका ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया. इस सिस्टम के बंद होने से जहाज की लोकेशन कुछ समय के लिए ट्रैकिंग नेटवर्क से गायब हो गई. लगभग एक दिन बाद जहाज दोबारा ट्रैकिंग सिस्टम पर दिखाई दिया और इसके बाद वह मुंबई पहुंच गया.

कई अन्य जहाज भी हुए ‘डार्क मोड’ में

समुद्री निगरानी प्लेटफॉर्म TankerTrackers.com के अनुसार हाल के दिनों में कई बड़े तेल टैंकर भी इसी तरह कुछ समय के लिए ट्रैकिंग सिस्टम से गायब रहे. इनमें दो वीएलसीसी (Very Large Crude Carriers), तीन Suezmax टैंकर और एक Panamax टैंकर शामिल हैं. ये जहाज कम से कम 48 घंटे तक AIS से ऑफलाइन रहे और इनकी मंजिलों में भारत, चीन और जापान जैसे देश शामिल थे.

क्या होता है AIS सिस्टम?

  • AIS यानी Automatic Identification System जहाजों में लगा एक महत्वपूर्ण ट्रैकिंग सिस्टम होता है, जो जहाज की पहचान, लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी दूसरे जहाजों और तटीय अधिकारियों को भेजता है.
  • यह सिस्टम समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और जहाजों के टकराव से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
  • अगर इसे बंद कर दिया जाए तो जहाज समुद्र में लगभग अनट्रेसबल (ट्रैक न होने वाला) हो जाता है.

क्यों बढ़ा है खतरा?

दरअसल क्षेत्र में तनाव तब से बढ़ गया है जब अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. इसके बाद से ईरानी सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लगभग बंद कर दिया है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है। यानी दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से जाता है. पिछले दो हफ्तों में ईरान ने इस इलाके में कम से कम 16 जहाजों पर हमले किए हैं और आगे भी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

फारस की खाड़ी में कई भारतीय जहाज मौजूद

भारत सरकार के अनुसार, इस समय फारस की खाड़ी में 28 भारतीय झंडे वाले जहाज काम कर रहे हैं. इनमें से 24 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जबकि 4 जहाज पूर्वी हिस्से में हैं जिन पर 101 भारतीय नाविक तैनात हैं. इसी बीच बुधवार को गुजरात के कांडला बंदरगाह जा रहे एक थाई जहाज पर भी इस क्षेत्र में हमला हुआ, जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है.

India Newsईरान इजरायल युद्ध
अगला लेख