ये कैसा गठबंधन? कल INDIA की बैठक में शामिल हुईं ममता, आज कांग्रेस ने साधा निशाना, 2024 को लेकर लगाया बड़ा आरोप
बीते दिन नई दिल्ली नें इंडिया गठबंधन की बैठक हुई, जिसमें ममता बनर्जी भी शामिल हुई. वहीं अब अगले ही दिन कांग्रेस की तरफ से ममता पर बड़ा आरोप लगाते हुए निशाना साधा गया.
INDIA Alliance Meeting
INDIA Alliance Meeting: लोकसभा चुनाव 2024 के बाद विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन को फिर से मजबूत करने की कवायद तेज होती दिख रही है. इसी कड़ी में सोमवार को गठबंधन के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों पर संयुक्त रूप से आवाज उठाने की बात कही गई. बैठक में विपक्षी एकता पर जोर दिया गया और भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति बनाने की चर्चा हुई.
हालांकि, बैठक खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद गठबंधन के भीतर मतभेदों की चर्चा फिर तेज हो गई. इसकी वजह बने कांग्रेस नेता उदित राज, जिन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को लेकर तीखा बयान दिया. उनके बयान ने INDIA गठबंधन की आंतरिक राजनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
INDIA गठबंधन की बैठक में क्या हुआ?
दिल्ली में आयोजित बैठक में विपक्षी दलों ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की. नेताओं ने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है. बैठक में विपक्षी एकता को और मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई. हालांकि, आम आदमी पार्टी और डीएमके इस बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.
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क्यों चर्चा में हैं ममता बनर्जी?
बैठक में तृणमूल कांग्रेस की मौजूदगी खास तौर पर चर्चा का विषय रही. ममता बनर्जी की पार्टी पहले INDIA गठबंधन से दूरी बना चुकी थी और कई मौकों पर कांग्रेस के साथ मतभेद भी सामने आए थे. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी का असर चुनावी परिणामों पर भी पड़ा था. ऐसे में टीएमसी की वापसी को विपक्षी एकता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
क्या बोले कांग्रेस नेता उदित राज?
कांग्रेस नेता उदित राज ने ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा "ममता दीदी और केजरीवाल के कृत्यों की वजह से ही मोदी जी प्रधानमंत्री बने. जो बोया, वही काट रहे हैं. नीतीश कुमार ने पूरे देश में घूम-घूमकर इंडिया गठबंधन के लिए माहौल बनाया था लेकिन इन दोनों ने उन्हें गठबंधन का संयोजक नहीं बनने दिया, जिसके कारण वे गठबंधन छोड़कर चले गए. यदि यह गलती न हुई होती, तो बीजेपी 150 सीटों के नीचे रह जाती. लेकिन इन दोनों की प्राथमिकता राहुल गांधी जी को रोकना थी."
आगे क्या बोले उदित राज?
उदित राज ने अपने बयान में राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा "राहुल गांधी जी तो नहीं रुके, लेकिन इन दोनों के साथ जो हुआ वह सब देख रहे हैं. कभी-कभी यह कहावत सच साबित हो जाती है कि 'जैसा बोओगे, वैसा काटोगे. अब ममता दीदी को ईमानदारी से गठबंधन का साथ निभाना चाहिए. वे चाहें तो अपनी पार्टी का विलय भी कर सकती हैं, लेकिन यह पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर करता है."
नीतीश कुमार ने क्यों छोड़ा था इंडिया गठबंधन?
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार INDIA गठबंधन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे. उन्होंने विभिन्न राज्यों का दौरा कर विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश की थी. हालांकि बाद में वे गठबंधन छोड़कर फिर से NDA में शामिल हो गए थे. जो INDIA गठबंधन के लिए बड़ा झटका था. रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन में वो सम्मान नहीं मिला था जो वे चाहते थे.
वहीं जदयू नेता संजय झा ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि 'नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाने के लिए कांग्रेस और बाकी दल भी मान गए थे, लेकिन आखिरी समय में ममता और केजरीवाल ने आकर गठबंधन खत्म कर दिया था. ये दोनों चाहते थे कि कोई दलित नेता इंडिया गठबंधन का संयोजक बने, जिसके लिए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सामने रखा था. इस फैसले के चलते कांग्रेस बैकफुट पर आ गई थी और गठबंधन में एकजुटता नहीं दिख रही थी.'




