Eid Al Adha 2026: पाकिस्तान से लेकर सऊदी-ईरान तक, मुस्लिम देशों में कैसे मनाई जाती है बकरीद?
बकरीद या ईद-उल-अज़हा दुनिया भर में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाई जाती है. जानिए भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया, मिस्र, मोरक्को और ईरान में कैसे मनाया जाता है कुर्बानी का यह बड़ा त्योहार.
Eid al-Adha मुस्लिम समुदाय का प्रमुख त्योहार है, जिसे ईद-उल-जुहा और बकरीद के नाम से जाना जाता है. यह त्योहार हज यात्रा के अंतिम चरण में मनाया जाता है और इसे कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है. इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, अल्लाह के पैगंबर हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने प्रिय पुत्र हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने का फैसला किया था, लेकिन अंतिम समय में अल्लाह ने बच्चे की जगह एक दुंबा (बकरा) भेज दिया. तभी से बकरीद पर कुर्बानी देने की परंपरा चली आ रही है.
कुर्बानी के बाद मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है. पहला हिस्सा गरीबों को, दूसरा रिश्तेदारों को और तीसरा अपने परिवार के लिए रखा जाता है. हालांकि, यह त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है, लेकिन हर देश में इसे मनाने का तरीका अलग और खास होता है.
भारत में कैसे मनाई जाती है बकरीद?
India में Lucknow, Hyderabad, Delhi और Mumbai बकरीद के खास उत्सव के लिए जाने जाते हैं. नवाबों और कबाबों के शहर लखनऊ में लोग नमाज़ के बाद मशहूर डाइनिंग स्पॉट्स पर पहुंचते हैं और खास मटन व्यंजनों का आनंद लेते हैं. वहीं हैदराबाद में खासकर सिकंदराबाद, मसाब टैंक और मदनापेट इलाकों को खूबसूरती से सजाया जाता है. Charminar में शाम के समय विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं.
पुरानी दिल्ली और Chandni Chowk को भी बकरीद के मौके पर भव्य तरीके से सजाया जाता है. Jama Masjid के आसपास मौजूद रेस्तरां इस दौरान खास मुगलई व्यंजन परोसते हैं. दिल्ली के मुगल इतिहास के कारण यहां बकरीद का उत्सव बेहद खास माना जाता है.
Mumbai में Haji Ali Dargah के आसपास बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा करने पहुंचते हैं. मुस्लिम पुरुष इस दिन कुर्ता पहनकर मस्जिदों में विशेष नमाज़ पढ़ते हैं और कई इलाकों में सामाजिक कार्यों के लिए चंदा भी इकट्ठा किया जाता है. बकरीद से पहले बड़ी संख्या में बकरियों की खरीद-बिक्री भी होती है.
पाकिस्तान में कैसे मनाया जाता है ईद-उल-अज़हा?
Pakistan में ईद-उल-जुहा के लिए चार दिन का धार्मिक अवकाश दिया जाता है. इस दौरान दुकानें बंद रहती हैं और लोग नमाज़, कुर्बानी और परिवार के साथ समय बिताने में व्यस्त रहते हैं. कुर्बानी के बाद मांस को दोस्तों, रिश्तेदारों और गरीबों में बांटा जाता है. लोग एक-दूसरे को उपहार भी देते हैं. यहां कई दिनों तक कुर्बानी का सिलसिला चलता रहता है. कुर्बानी के बाद रात में दावतों का सिलसिला शुरू होता है.
नाइजीरिया में कैसे खास होती है बकरीद?
Nigeria में बकरीद को ‘ईद-अल-केबीर’ या स्थानीय हौसा भाषा में ‘बाबबर सल्लाह’ कहा जाता है. यहां सुबह खुले मैदानों में नमाज़ अदा की जाती है और लोग रंग-बिरंगे पारंपरिक वस्त्र ‘अगबादा’ पहनते हैं. इस दौरान बकरे या भेड़ की कुर्बानी दी जाती है और उत्तरी नाइजीरिया में भव्य ‘दरबार’ उत्सव आयोजित होता है. नाइजीरियाई परिवार इस मौके पर मांस को भूनकर और तलकर खास व्यंजन तैयार करते हैं, जिन्हें जोलोफ राइस के साथ मेहमानों और पड़ोसियों को परोसा जाता है.
ईद की नमाज़ के बाद यहां विशाल घुड़सवारी जुलूस भी निकाला जाता है. शाही नेता, जिन्हें ‘एमिर’ कहा जाता है, पारंपरिक कढ़ाईदार पोशाक पहनकर सफेद घोड़े पर सवार होकर निकलते हैं. घुड़सवार रंग-बिरंगी पगड़ियां पहनकर घोड़ों की शानदार कलाबाजियां दिखाते हैं और एमिर के महल के सामने अपनी वफादारी और युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हैं.
मिस्र में कैसे मनाया जाता है त्योहार?
Egypt में इस त्योहार को ‘ईद-उल-किब्र’ कहा जाता है. यहां ईद-उल-फितर की तुलना में ईद-उल-जुहा को अधिक महत्व दिया जाता है. दिन की शुरुआत पारंपरिक नमाज़ और उपदेशों से होती है. लोग एक-दूसरे को “कोल सना वा इंता तायेब” कहकर शुभकामनाएं देते हैं, जिसका मतलब है- “आपका हर साल अच्छा गुजरे.” मिस्र में लोग कुर्बानी के मांस को उदारता के साथ गरीबों में बांटते हैं.
सऊदी अरब में कैसे मनाई जाती है बकरीद?
सऊदी अरब में ऊट और बकरों की कुर्बानी होती है. लोग नमाज के बाद कमैले (जिस जगब पर कुर्बानी होती है) में अपने जानवरों को लेकर जाते हैं और कु्र्बानी को अंजाम देते हैं. इसके बाद घरों पर रिश्तेदारों के आने का सिलसिला शुरू होता है. अकसर रात में सऊदी के नागरिक बाहर निकलते हैं और अपने परिवार वालों के साथ इश त्योहार के मजे लेते हैं.
मोरक्को में कैसे मनाई जाती है ईद-उल-अज़हा?
Morocco में भी इस त्योहार को ‘ईद-उल-किब्र’ कहा जाता है. यहां आमतौर पर गाय, भेड़ या बकरी की कुर्बानी दी जाती है और उसका मांस गरीबों में बांटा जाता है. त्योहार के दौरान लोग मस्जिदों में नमाज़ और धर्मोपदेश सुनने जाते हैं. इसके बाद परिवार और रिश्तेदार एक-दूसरे के घर जाकर सामूहिक भोजन करते हैं.
ईरान में कैसे मनाई जाती है बकरीद?
Iran में लोग विशेष ईद की नमाज़ के लिए मस्जिदों में इकट्ठा होते हैं. शिया परंपरा के अनुसार, बड़े शहरों में यह नमाज़ मुख्य रूप से किसी बड़े मैदान या प्रमुख मस्जिद में अदा की जाती है. हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में सक्षम लोग बकरे या भेड़ की कुर्बानी देते हैं और मांस को गरीबों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों में बांटते हैं. कुर्दिस्तान और खोरासान जैसे इलाकों में ‘दफ’ नाम के पारंपरिक लोक संगीत के जरिए उत्सव मनाया जाता है.




